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38 दिनों की लुकाछिपी के बाद हनीप्रीत इंसा गिर : Uttarakhand News
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38 दिनों की लुकाछिपी के बाद हनीप्रीत इंसा गिरफ्तार

 चंडीगढ़। जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गोद ली हुयी बेटी हनीप्रीत इंसां को आज हरियाणा पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस को 38 दिनों से हनीप्रीत की तलाश थी। पंचकुला में पत्रकारों से बातें करते हुए पुलिस आयुक्त ए.एस. चावला ने बताया, ‘‘एसआईटी प्रभारी (मुकेश कुमार) ने उसे पंजाब में जिरकपुर-पटियाला रोड से गिरफ्तार किया। उसे हिंसा की घटनाओं के सिलसिले में पूछताछ के लिए पंचकूला लाया गया है।’’ चावला ने बताया, ‘‘(25 अगस्त को राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद) हिंसा में उसकी भूमिका की जांच की जाएगी...फरारी के दौरान जिसने उसे शरण दी या समर्थन दिया, उनको भी पेश किया जाएगा। उसे (पंचकुला में) एक अदालत के समक्ष कल पेश किया जाएगा और हम उसकी पुलिस हिरासत मांगेंगे।’’ चावला ने यह भी कहा कि हनीप्रीत के साथ एक और महिला थी। उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस को भी इस गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी गई है। गिरफ्तारी से कुछ ही समय पहले हनीप्रीत दो निजी टीवी चैनलों पर आई थी।

टीवी चैनल से बातचीत में रखा अपना पक्ष
इससे पहले आज एक टीवी चैनल से बातचीत में हनीप्रीत ने कहा था कि पंचकूला में हिंसा भड़काने के आरोपों को लेकर वह ‘आहत’ हैं। हनीप्रीत एक महीने से अधिक समय से फरार थी और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। चैनल से हनीप्रीत ने कहा कि उनके ‘पापा’ निर्दोष हैं और 25 अगस्त को बलात्कार के दो मामलों में उन्हें दोषी ठहराये जाने के कारण वह ‘अवसाद’ में चली गयी थीं।
प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत ने कहा कि वह अपने अगले कदम के बारे में कानूनी सलाह ले रही हैं और यहां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष पेश हो सकती हैं। राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हुयी हिंसा की घटनाओं में कम से कम 41 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। हिंसा की इन घटनाओं के सिलसिले में ‘वांछित’ 43 लोगों की, हरियाणा पुलिस की सूची में हनीप्रीत का नाम सबसे ऊपर है।

आरोपों को नकारा
हरियाणा पुलिस ने पहले हनीप्रीत (36) के खिलाफ लुकआउट नोटिस और बाद में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ‘‘आज तक’’ से बातचीत में हनीप्रीत ने कहा कि उनके खिलाफ लगाये गये आरोप सही नहीं है। एक अज्ञात स्थान पर एक कार में बैठी हनीप्रीत ने कहा, ‘‘(पंचकूला में 25 अगस्त को हुई हिंसा के दौरान) क्या मैं आगजनी करने वालों के साथ मौजूद थी। वे इस तरह के आरोप कैसे लगा सकते हैं।’’ हनीप्रीत की छवि एक ‘खलनायिका’, एक ‘षडयंत्रकारी’ के रूप में पेश किये जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘वे कैसे मुझे आरोपी बना सकते हैं। मैं अपने पापा (राम रहीम) के साथ थी और एक बेटी के रूप में (25 अगस्त को) अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हर बेटी अपने पिता के साथ रहती है, मैं उनके साथ थी। लोगों को उकसाने के लिए क्या आपने मुझे एक शब्द कहते हुये सुना। मैं इस उम्मीद में वहां (पंचकूला में सीबीआई की अदालत) गयी थी कि मेरे पिता शाम को लौट जाएंगे। लेकिन जब उन्हें सजा सुनायी गयी, तो मैं अवसाद में आ गयी। मैं किसी और चीज के बारे में कैसे सोच सकती थी, मैं पूरी तरह टूट चुकी थी।’’ हनीप्रीत 25 अगस्त को राम रहीम के साथ सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय से पंचकूला स्थित सीबीआई की एक विशेष अदालत गई थीं। उस दिन डेरा प्रमुख को सजा सुनाये जाने के बाद वह उनके साथ एक हेलीकॉप्टर में सवार होकर रोहतक स्थित जेल जाने के लिए रवाना हुयी थीं।

अपनी राष्ट्रभक्ति का हवाला दिया
हनीप्रीत का 25 अगस्त की शाम से कोई पता नहीं था। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह कानून से नहीं भाग रही हैं और वह अभी भी राम रहीम को सुनायी गयी सजा के सदमे से उबरने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब हिंसा की घटनाओं में उन्हें आरोपी बनाया तो वह ‘आहत’ हो गईं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी स्थिति क्या रही होगी उसे समझने का प्रयास करिए। वह महिला जो अपने पिता (राम रहीम) के साथ राष्ट्र भक्ति फिल्म बनाती है, वह महिला जिसमें उसके पिता ने राष्ट्रभक्ति की भावना जाग्रत की.... और पिता जेल चले जाते हैं... इसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती थी.... और उस महिला पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाता है, इससे मैं पूरी तरह टूट चुकी हूं। जब मैंने अपने जीवन में एक चींटी भी नहीं मारी है तब ऐसे गंभीर आरोप सुनकर मुझ पर क्या गुजरी होगी?’’ हनीप्रीत ने कहा, ‘‘मैं तो यह भी नहीं जानती कि कानूनी प्रक्रियाओं का क्या मतलब है। मेरे लिए जब पापा चले गये (जेल) तब मेरी दुनिया तबाह हो गयी। मैं मानसिक रूप से टूट गई हूं। इसके बाद जिस तरह मुझे कहा गया, मैं दिल्ली आयी... अब मैं पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय जाऊंगी।’’
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 26 सितंबर को हनीप्रीत इंसां की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत का आदेश इस बात पर आधारित था कि वह गिरफ्तारी से बच रही है इसलिए किसी विशेष राहत की हकदार नहीं है। रोहतक से निकलने के बाद कई दिनों तक हनीप्रीत कहां छिपी रहीं। इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘...बाद में, मैं दिल्ली गयी। अब, मैं पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय जा रही हूं। उन्होंने बताया कि उनका न्यायपालिका पर और न्याय मिलने को लेकर ‘पूरा भरोसा’ है।

विश्वास गुप्ता के आरोपों पर जवाब नहीं
राम रहीम के साथ रिश्तों को लेकर अपने पूर्व पति विश्वास गुप्ता द्वारा लगाये गये आरोपों पर हनीप्रीत ने कहा, ‘‘मैं समझ नहीं पा रही हूं कि कोई भी कैसे एक पिता और उनकी पुत्री के बीच पवित्र रिश्ते पर अंगुली उठा सकता है। ऐसे आरोपों को लेकर इन लोगों के पास क्या सबूत है। जो इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं कृपया उन पर विश्वास ना करें।’’ डेरा के कुछ ‘प्रमुख लोग’ और अपने ‘पूर्व पति’ द्वारा लगाये गये इन आरोपों के बारे में पूछे जाने के बारे में हनीप्रीत ने कहा, ‘‘क्या वे प्रमुख लोग हैं। क्यो कोई उन्हें जानता है, वे कौन हैं। जहां तक विश्वास गुप्ता की बात है तो मैं उनके बारे में बात नहीं करना चाहती।’’ सिरसा स्थित डेरा में कंकाल मिट्टी में दबाए जाने के बारे में हनीप्रीत ने कहा ‘‘क्या किसी को कंकाल मिले हैं। मेरे पापा के बारे में जो कहा जा रहा है, तो मैं यही कहूंगी कि वह बेकसूर हैं और समय आने पर आप भी यह खुद देखेंगे।’'

Update on: 03-10-2017

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